बिटकॉइन पहली बार 1 करोड़ रुपए के पार, जानें शून्य से करोड़ तक का सफर
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने 14 अगस्त को नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए पहली बार 1.08 करोड़ रुपए के पार पहुंचकर इतिहास रच दिया। यह अब तक का इसका ऑलटाइम हाई है, जिसने क्रिप्टो निवेशकों के बीच उत्साह और बाजार में हलचल पैदा कर दी है। बिटकॉइन की यह यात्रा बेहद रोचक रही है—एक डिजिटल मुद्रा जो 15 साल पहले लगभग शून्य मूल्य से शुरू होकर आज करोड़ों के आंकड़े को पार कर चुकी है।

शून्य से करोड़ तक का सफर
बिटकॉइन को वर्ष 2009 में ‘सतोशी नाकामोटो’ नामक एक रहस्यमय व्यक्ति (या समूह) ने लॉन्च किया था। उस समय इसकी कीमत शून्य के करीब थी और इसे एक प्रयोगात्मक डिजिटल मुद्रा माना जाता था। शुरुआती दिनों में बहुत कम लोग इस पर भरोसा करते थे। लेकिन तकनीक में भरोसा करने वाले शुरुआती निवेशकों को आज इसका बड़ा लाभ मिला है।
यदि 2009 में किसी व्यक्ति ने मात्र एक रुपए से भी कम का निवेश किया होता, तो आज वह राशि 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी होती। यह क्रिप्टो बाजार में लंबे समय तक बने रहने और धैर्य रखने का सबसे बड़ा उदाहरण है।

पहली बड़ी छलांग
बिटकॉइन की पहली महत्वपूर्ण बढ़ोतरी अक्टूबर 2010 में हुई। लंबे समय तक 0.10 डॉलर (करीब 8 रुपए) के आसपास रहने के बाद इसकी कीमत धीरे-धीरे बढ़ने लगी। साल के अंत तक यह 0.30 डॉलर तक पहुंच गई।
इसके बाद 2013 तक बिटकॉइन की कीमत में जबरदस्त उछाल आया और यह 1000 डॉलर (करीब 80 हजार रुपए) के पार पहुंच गया। इस उछाल के बाद बिटकॉइन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और इसे एक गंभीर निवेश विकल्प के रूप में देखा जाने लगा।
उतार-चढ़ाव भरा रास्ता
बिटकॉइन का इतिहास केवल लगातार बढ़ोतरी का नहीं, बल्कि इसमें बड़े उतार-चढ़ाव भी आए। कई बार इसकी कीमत में अचानक गिरावट आई, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई।
2017 में बिटकॉइन ने पहली बार 20,000 डॉलर का आंकड़ा पार किया, लेकिन इसके तुरंत बाद बड़ी गिरावट आई और कीमत आधे से भी कम हो गई। हालांकि, समय के साथ बिटकॉइन ने अपनी खोई हुई स्थिति वापस पाई और नई ऊंचाइयों को छूने लगा।
वर्तमान में तेजी के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के पीछे कई कारण हैं—
- वैश्विक निवेशकों का डिजिटल एसेट्स में बढ़ता भरोसा
- कई देशों में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सकारात्मक नीतियां
- बड़े वित्तीय संस्थानों द्वारा बिटकॉइन में निवेश
- सीमित आपूर्ति (कुल 21 मिलियन बिटकॉइन ही बनाए जा सकते हैं)
इन सभी कारकों ने मिलकर बिटकॉइन की मांग को बढ़ाया और कीमत को नए रिकॉर्ड पर पहुंचा दिया।
आगे क्या?
क्रिप्टो बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में बिटकॉइन की कीमत में और उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे 1.5 करोड़ रुपए तक जाने की संभावना जता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि इतनी तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते इसमें गिरावट भी आ सकती है।
निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है, क्योंकि क्रिप्टो बाजार अपनी अनिश्चितता के लिए जाना जाता है।
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