August 31, 2025 11:53 AM

तिरुवनंतपुरम-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट की चेन्नई में इमरजेंसी लैंडिंग, रनवे विवाद पर यात्री और एयरलाइन आमने-सामने

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तिरुवनंतपुरम-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट की चेन्नई में इमरजेंसी लैंडिंग, रनवे विवाद पर सांसद और एयरलाइन में मतभेद

चेन्नई/नई दिल्ली।
रविवार रात तिरुवनंतपुरम से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2455 को बीच रास्ते में चेन्नई में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। एयरलाइन ने इसकी वजह तकनीकी खराबी और खराब मौसम बताई, जबकि विमान में सवार कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि लैंडिंग की पहली कोशिश के दौरान रनवे पर दूसरा विमान मौजूद था, जिसकी वजह से हादसा टल गया। इस घटना के बाद फ्लाइट संचालन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।


उड़ान का शेड्यूल और शुरुआती दिक्कतें

फ्लाइट रडार 24 के आंकड़ों के अनुसार, यह विमान रविवार रात 8:17 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ा और इसे 10:45 बजे दिल्ली पहुंचना था। निर्धारित समय से पहले ही उड़ान में देरी हो चुकी थी, क्योंकि दिल्ली से आने में देरी और मौसम की वजह से विमान 8:04 बजे ही रवाना हो सका। उड़ान भरने के कुछ देर बाद हल्के झटके (टर्बुलेंस) महसूस हुए, जिसके बाद करीब एक घंटे बाद पायलट ने घोषणा की कि विमान के सिग्नल सिस्टम में समस्या है और इसे चेन्नई डायवर्ट किया जा रहा है।


सांसद का दावा – “रनवे पर दूसरा विमान था”

सांसद केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, फ्लाइट में कई सांसद और सैकड़ों यात्री सवार थे। चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की पहली कोशिश के दौरान एक डरावना पल आया, जब रनवे पर दूसरा विमान दिखाई दिया। पायलट ने तुरंत विमान को हवा में उठा लिया और दूसरी कोशिश में सुरक्षित लैंडिंग कराई। वेणुगोपाल ने कहा—

“हम पायलट की सूझबूझ और किस्मत से बचे। यात्रियों की सुरक्षा किस्मत पर नहीं छोड़ी जा सकती। DGCA को इसकी जांच करनी चाहिए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करनी चाहिए।”

सोमवार सुबह उन्होंने दोबारा बयान देते हुए कहा कि पायलट ने खुद अनाउंसमेंट में रनवे पर दूसरे विमान की बात कही थी, जबकि एयर इंडिया अब सच्चाई छिपा रही है।


एयर इंडिया का जवाब – “दूसरा विमान नहीं था”

एयर इंडिया ने वेणुगोपाल के दावे को खारिज करते हुए X (ट्विटर) पर लिखा—

“विमान को चेन्नई डायवर्ट करने का फैसला तकनीकी दिक्कत और खराब मौसम के चलते लिया गया था। पहली लैंडिंग की कोशिश में ATC ने ‘गो-अराउंड’ का निर्देश दिया था। यह किसी दूसरे विमान के कारण नहीं, बल्कि रनवे पर मलबा होने की आशंका की वजह से हुआ था।”


DGCA की रिपोर्ट – “मौसम रडार में समस्या का शक”

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, फ्लाइट A320 VT-TNL उड़ान के दौरान पायलट को शक हुआ कि मौसम दिखाने वाला रडार सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा। सुरक्षा के लिहाज से फ्लाइट को चेन्नई मोड़ दिया गया।

  • विमान का वजन ज्यादा होने से उसे 43 मिनट तक हवा में चक्कर लगाकर ईंधन कम करना पड़ा
  • पहली लैंडिंग की कोशिश में ATC ने गो-अराउंड का निर्देश दिया, क्योंकि थोड़ी देर पहले उड़ान भर चुके गल्फ एयर विमान ने रनवे पर मलबा होने की आशंका जताई थी।
  • जांच में कोई मलबा नहीं मिला, जिसके बाद रात 10:39 बजे फ्लाइट सुरक्षित लैंड कराई गई।

बड़ा हादसा टलने से राहत, लेकिन सवाल बरकरार

यह घटना किसी बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी, लेकिन पायलट की त्वरित प्रतिक्रिया और सावधानी से सभी यात्री सुरक्षित रहे। हालांकि, सांसद के दावे और एयरलाइन की सफाई के बीच विरोधाभास ने घटना पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

DGCA ने आश्वासन दिया है कि घटना की जांच की जाएगी और लैंडिंग प्रक्रिया के दौरान लिए गए सभी फैसलों की समीक्षा होगी, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।



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