सेमीकंडक्टर सहयोग: पीएम मोदी और पीएम इशिबा ने किया टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा
टोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने शनिवार को टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा किया। यह दौरा भारत-जापान आर्थिक सहयोग के बढ़ते आयामों का प्रतीक माना जा रहा है। इस दौरान दोनों नेताओं ने प्रशिक्षण कक्ष (ट्रेनिंग रूम), उत्पादन नवाचार प्रयोगशाला (प्रोडक्शन इनोवेशन लैब) का निरीक्षण किया और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तार से बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र भारत-जापान सहयोग का सबसे अहम स्तंभ है और आने वाले समय में इसे और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में भारत ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
भारत की बढ़ती संभावनाएं और जापानी तकनीक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत तेजी से प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जापान के पास अत्याधुनिक तकनीक और अनुसंधान की ताकत है, जबकि भारत के पास विशाल मानव संसाधन और नवाचार की क्षमता है। इन दोनों का मिलन “विजयी संयोजन” है। उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य न सिर्फ अपनी घरेलू ज़रूरतों को पूरा करना है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अहम हिस्सा बनना भी है।

युवाओं की भागीदारी और नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने खासतौर पर युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में करियर बना रहे हैं और स्टार्टअप से लेकर अनुसंधान तक हर स्तर पर योगदान दे रहे हैं। सेमीकंडक्टर उद्योग न केवल तकनीकी विकास का आधार है बल्कि यह लाखों युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान करेगा।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में योगदान
टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा दोनों देशों के बीच भरोसे और दीर्घकालिक साझेदारी का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान मिलकर न सिर्फ अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में स्थिरता और मजबूती लाएंगे।
प्रधानमंत्री इशिबा ने भी इस अवसर पर कहा कि भारत और जापान का सहयोग दोनों देशों की समृद्धि और वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत के तकनीकी कौशल और नवाचार क्षमता की सराहना की और कहा कि जापान इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

निष्कर्ष
टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकी साझेदारी की ठोस नींव है। सेमीकंडक्टर उत्पादन और अनुसंधान में भारत-जापान का सहयोग न केवल दोनों देशों को नई ऊर्जा देगा, बल्कि विश्व को भी स्थिर और टिकाऊ तकनीकी समाधान प्रदान करेगा।
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