सिद्धार्थ मल्होत्रा-जान्हवी कपूर की फिल्म परम सुंदरी रिव्यू: कमजोर कहानी, शानदार लोकेशन और औसत कमाई
नई दिल्ली। सिद्धार्थ मल्होत्रा और जान्हवी कपूर की नई फिल्म परम सुंदरी शुक्रवार को रिलीज हुई। लंबे समय से चर्चा में रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी थीं, लेकिन पहले दिन की कमाई और प्रतिक्रिया दोनों ही औसत रहे। शुरुआती दिन में फिल्म ने लगभग 4 करोड़ रुपये जुटाए, जो उम्मीद से कम माना जा रहा है।
कहानी
फिल्म की कहानी दिल्ली के युवक परम सचदेव (सिद्धार्थ मल्होत्रा) के इर्द-गिर्द घूमती है। पिता (संजय कपूर) से मदद मांगने पर उसे एक चुनौती मिलती है। इसी चुनौती को पूरा करने के लिए वह अपने दोस्त जग्गी (मनजोत सिंह) के साथ केरल की यात्रा पर निकलता है। यहां उसकी मुलाकात सुंदरी (जान्हवी कपूर) से होती है और कहानी रोमांस व हल्के-फुल्के हास्य में बदल जाती है। हालांकि कथा में नया कुछ नहीं है और दर्शक आसानी से अंदाजा लगा लेते हैं कि आगे क्या होने वाला है।
निर्देशन और प्रस्तुति
निर्देशक तुषार जलोटा फिल्म को मजबूती से पकड़ नहीं पाए। फर्स्ट हाफ में कहानी बेहद धीमी और उबाऊ लगती है, जबकि सेकंड हाफ कुछ हद तक मनोरंजन करता है। लोकेशन और सिनेमैटोग्राफी जरूर आकर्षक हैं, खासकर केरल की खूबसूरती पर्दे पर अच्छी तरह उभरती है।

अभिनय
- जान्हवी कपूर ने मेहनत जरूर की है। कई दृश्य प्रभावी हैं, लेकिन जबरदस्ती लहजे को थोपने की कोशिश ओवरएक्टिंग जैसी लगती है।
- सिद्धार्थ मल्होत्रा का अभिनय एकरस है और भावनाओं में विविधता की कमी साफ झलकती है।
- मनजोत सिंह फिल्म की जान साबित हुए। उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब भाती है।
- संजय कपूर छोटे रोल में भी असरदार लगे और अपने किरदार को जीवंत बनाया।
- बाल कलाकार इनायत वर्मा ने भी कम समय में अच्छा असर छोड़ा।
संगीत और तकनीकी पहलू
फिल्म का संगीत औसत है। कुछ गाने हल्के-फुल्के सुनने योग्य हैं, लेकिन यादगार नहीं। तकनीकी पक्ष में सिनेमैटोग्राफी सबसे बड़ी ताकत है, जबकि एडिटिंग और पटकथा कमजोर हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर परम सुंदरी एक साधारण रोमांटिक-ड्रामा है, जो कमजोर कहानी और निर्देशन की वजह से प्रभावित नहीं कर पाता। केवल खूबसूरत लोकेशन्स और जान्हवी-मनजोत का अभिनय ही इसे सहारा देते हैं।

स्टार रेटिंग
⭐⭐⭐ (3.5/5)
Recommendation: अगर आप हल्की-फुल्की और दृश्यात्मक फिल्म देखना चाहते हैं तो यह विकल्प हो सकती है।