रेलवे बोर्ड चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ा, केंद्र सरकार का आदेश
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के उच्चस्तरीय प्रबंधन में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है। गुरुवार को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के स्थापना अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके कार्यकाल विस्तार को मंजूरी दी है।

अनुबंध के आधार पर जारी रहेगा कार्यकाल
आदेश के अनुसार, सतीश कुमार 1 सितम्बर 2025 से अगले एक वर्ष तक अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर मौजूदा शर्तों और नियमों के अनुसार कार्य करते रहेंगे। यदि उससे पहले सरकार की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं होता, तो वह इस अवधि तक रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ पद पर बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिवालय को भेजी गई प्रतियां
केंद्र सरकार के इस फैसले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और अन्य संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई समय रहते पूरी की जा सके।
भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (IRMS) से जुड़े रहे हैं सतीश कुमार
सतीश कुमार भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और लंबी सेवाकालीन यात्रा के बाद रेलवे बोर्ड के शीर्ष पद पर पहुंचे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रेलवे के आधुनिकीकरण, इलेक्ट्रिफिकेशन, डिजिटल प्रबंधन और यात्रियों की सुविधा सुधार जैसे कई अहम कदम उठाए।
रेलवे में चल रहे बड़े बदलावों के बीच अहम फैसला
पिछले कुछ वर्षों से भारतीय रेलवे में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। रेलवे का कारपोरेट स्ट्रक्चर, हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट, माल ढुलाई में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम और रेलवे के निजीकरण को लेकर कई सुधार योजनाएँ लागू की गई हैं। ऐसे में सतीश कुमार का कार्यकाल बढ़ाना यह दर्शाता है कि सरकार रेलवे की नीतिगत निरंतरता बनाए रखना चाहती है।
रेलवे बोर्ड चेयरमैन की भूमिका
रेलवे बोर्ड का चेयरमैन और सीईओ भारतीय रेलवे का सबसे उच्च प्रशासनिक पद है। यह पद न केवल नीतिगत निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि रेलवे के वित्तीय प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सुरक्षा मानकों और यात्री सेवाओं के उन्नयन की निगरानी भी करता है। ऐसे में इस पद पर एक अनुभवी अधिकारी की मौजूदगी रेलवे के लिए रणनीतिक दृष्टि से अहम मानी जाती है।
सतीश कुमार के कार्यकाल में प्रमुख उपलब्धियाँ
सतीश कुमार के नेतृत्व में रेलवे ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
- रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में तेजी : भारत में अधिकांश रूट्स का विद्युतीकरण।
- आधुनिक ट्रेनों का परिचालन : वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-टेक ट्रेनों का विस्तार।
- डिजिटल और तकनीकी सुधार : टिकटिंग, मालगाड़ी संचालन और सिग्नलिंग सिस्टम में आधुनिकीकरण।
- सुरक्षा मानक सुधार : ट्रेनों में सुरक्षा उपकरणों का विस्तार और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण।
भविष्य के लिए चुनौतियाँ और अवसर
हालांकि रेलवे अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है, जैसे—
- यात्री और माल भाड़ा सेवाओं के बीच संतुलन
- वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन
- निजी निवेश को आकर्षित करना
- सुरक्षा और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करना
इन चुनौतियों से निपटने में सतीश कुमार का अनुभव और नेतृत्व आने वाले समय में निर्णायक साबित हो सकता है।
रेलवे बोर्ड चेयरमैन एवं सीईओ सतीश कुमार के कार्यकाल को एक वर्ष बढ़ाने का फैसला यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार उनके कामकाज और नेतृत्व क्षमता से संतुष्ट है। यह निर्णय भारतीय रेलवे के लिए उस समय आया है, जब देश की सबसे बड़ी परिवहन व्यवस्था आधुनिकीकरण और बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब देखना होगा कि सतीश कुमार अपने अगले कार्यकाल में रेलवे को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए कौन-से नीतिगत और प्रशासनिक कदम उठाते हैं।
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