- अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और वीजा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए वीजा नियमों में बड़े बदलाव की घोषणा की है। अब तक इन वीजा धारकों को अमेरिका में बिना किसी तय सीमा के रहने की छूट रहती थी, लेकिन अब उन्हें केवल निश्चित अवधि तक ही रहने की अनुमति होगी। यह फैसला अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने राष्ट्रीय सुरक्षा और वीजा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिया है।
क्या है नया प्रावधान?
नए नियम के मुताबिक, F वीजा (स्टूडेंट्स), J वीजा (एक्सचेंज विजिटर्स) और I वीजा (विदेशी मीडिया प्रतिनिधि) को अब “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” (यानी बिना समय-सीमा के रहने की छूट) की जगह केवल निश्चित समय के लिए प्रवेश मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में तय समय से अधिक रुकना चाहता है तो उसे DHS से एक्सटेंशन ऑफ स्टे (EOS) के लिए आवेदन करना होगा।
क्यों उठाया यह कदम?
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि पुराने सिस्टम में खामियों के कारण कई वीजा धारक निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
- 2023 के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में 16 लाख से अधिक विदेशी स्टूडेंट्स (F-1 वीजा), 5 लाख से ज्यादा एक्सचेंज विजिटर्स (J वीजा) और 32,470 विदेशी मीडिया प्रतिनिधि (I वीजा) दाखिल हुए थे।
- इतनी बड़ी संख्या में लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखना मुश्किल हो रहा था।
- मौजूदा सिस्टम के तहत यह पता नहीं चल पाता था कि वीजा धारक वही गतिविधियाँ कर रहे हैं या नहीं, जिनकी उन्हें इजाजत दी गई थी।
DHS का कहना है कि नए नियमों से अधिकारियों को समय-समय पर जांच करने का मौका मिलेगा और यह सुनिश्चित होगा कि वीजा धारक अमेरिका में रहकर कोई गलत गतिविधि या फ्रॉड न करें।
स्टूडेंट्स पर सबसे ज्यादा असर
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर विदेशी छात्रों पर पड़ने वाला है।
- अब उन्हें अपने पूरे शैक्षणिक कार्यक्रम की अवधि के बजाय निश्चित समय तक ही वीजा मिलेगा।
- अगर उनकी पढ़ाई निर्धारित अवधि में पूरी नहीं हो पाती, तो उन्हें वीजा बढ़ाने के लिए आवेदन करना होगा।
- इस प्रक्रिया में देरी या अस्वीकृति की स्थिति में उनका भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।
विदेशी मीडिया पर निगरानी
I वीजा धारक यानी विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों के लिए भी यह नियम लागू होगा। अमेरिकी सरकार का तर्क है कि कई बार मीडिया प्रतिनिधि अपने काम की आड़ में अमेरिका में लंबे समय तक रहते हैं और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कठिन हो जाता है। अब तय समय सीमा और नियमित जांच से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे केवल पत्रकारिता संबंधी कार्य ही कर रहे हों।
आलोचना और समर्थन
इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
- समर्थक कहते हैं कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और वीजा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
- वहीं आलोचक इसे छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनावश्यक कठिनाई मानते हैं। उनका कहना है कि इससे अमेरिकी विश्वविद्यालयों की आकर्षण शक्ति कम हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या घट सकती है।
- विदेशी मीडिया संगठनों ने भी चिंता जताई है कि इस कदम से पत्रकारिता की स्वतंत्रता और वैश्विक संवाद पर असर पड़ेगा।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क
DHS का स्पष्ट कहना है कि यह कदम किसी विशेष देश या समूह को निशाना बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक व्यवस्थित और पारदर्शी इमीग्रेशन नीति का हिस्सा है। उनका मानना है कि इससे फ्रॉड, गैरकानूनी गतिविधियों और वीजा का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।