- अंधाधुंध गोलियां चलाकर दो मासूम बच्चों की जान ले ली और 17 लोगों को घायल कर दिया
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में बुधवार को हुई एक भीषण गोलीबारी ने पूरे देश को दहला दिया। घटना एक कैथोलिक स्कूल में सामूहिक प्रार्थना सभा के दौरान हुई, जब एक 23 वर्षीय युवक ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर दो मासूम बच्चों की जान ले ली और 17 लोगों को घायल कर दिया। बाद में हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मारे गए दोनों बच्चों की उम्र मात्र 8 और 10 वर्ष थी। घायल 17 लोगों में 14 बच्चे और 3 वयस्क शामिल हैं। स्कूल के भीतर जब यह हमला हुआ, उस समय सैकड़ों बच्चे और शिक्षक प्रार्थना में व्यस्त थे। गोलीबारी के कारण वहां अफरातफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए चारों ओर भागने लगे।
मलावर की पहचान और हथियारों पर खतरनाक नारे
हमलावर की पहचान रॉबिन वेस्टमैन (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वेस्टमैन ने 2020 में अपना नाम बदल लिया था। उसके पास तीन हथियार थे – एक राइफल, एक शॉटगन और एक पिस्तौल।
पुलिस ने बताया कि इन हथियारों और मैगजीन पर कई खतरनाक और उकसाने वाले नारे लिखे हुए थे। इनमें शामिल थे:
- “डोनाल्ड ट्रम्प को मार डालो”
- “भारत पर परमाणु बम गिराओ”
- “इजराइल का पतन होना चाहिए”
- “इजराइल को जला दो”
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक हथियार पर अंग्रेजी में “Nuke India” (भारत पर परमाणु हमला करो) लिखा हुआ था।
घटना से पहले डाले गए वीडियो
पुलिस और गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि घटना से पहले वेस्टमैन ने रोबिन डब्ल्यू नामक यूट्यूब चैनल पर दो वीडियो डाले थे। ये वीडियो लगभग 10 मिनट लंबे थे, जिन्हें मोबाइल फोन से शूट किया गया था।
वीडियो में दिखाया गया:
- हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा
- भरी हुई मैगजीन जिन पर नारे लिखे थे
- एक पत्र, जिसमें वेस्टमैन ने अपने परिवार और दोस्तों से माफी मांगी थी और कहा था कि गोलीबारी का असर उनके जीवन पर भी पड़ेगा।
हालांकि घटना के तुरंत बाद ये वीडियो और चैनल डिलीट कर दिए गए।
जांच और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका
घटना के बाद FBI और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा कि स्थिति पर राष्ट्रपति और प्रशासन की कड़ी नजर है।
अमेरिकी गृह सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि हमलावर के हथियारों पर लिखे नारे और उसके बनाए गए वीडियो देश की सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर संकेत हैं। उन्होंने इसे “कट्टरपंथी मानसिकता का नतीजा” बताया।
ट्रम्प और व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मुझे इस हमले की पूरी जानकारी दी गई है। यह बहुत दुखद और भयावह है। निर्दोष बच्चों की जान लेना किसी भी समाज के लिए अस्वीकार्य है। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।”
व्हाइट हाउस ने कहा कि गोलीबारी की घटना बेहद दर्दनाक है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
अमेरिका में गन कंट्रोल पर फिर उठे सवाल
यह घटना अमेरिका में गन कंट्रोल (हथियार नियंत्रण) पर बहस को फिर से तेज कर रही है। अमेरिका में स्कूलों पर गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 2024 में ही 200 से अधिक स्कूल शूटिंग दर्ज की गई थीं।
मिनेसोटा की इस घटना में विशेष रूप से यह तथ्य चिंताजनक है कि हमलावर ने अपने हथियारों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भड़काऊ और हिंसक नारे लिखे थे। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि कहीं यह हमला केवल मानसिक असंतुलन का नतीजा न होकर, एक सुनियोजित वैचारिक हिंसा का हिस्सा तो नहीं था।
भारत और इजराइल को लेकर भी आपत्तिजनक संदेश
हमलावर के हथियारों पर लिखे गए संदेशों में सिर्फ अमेरिकी राजनीति (ट्रम्प को मार डालो) ही नहीं, बल्कि भारत और इजराइल के खिलाफ भी खतरनाक और हिंसक नारे दर्ज थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यह साफ होता है कि हमलावर का मानसिक दृष्टिकोण चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसका गुस्सा वैश्विक राजनीति पर भी केंद्रित था।