August 30, 2025 2:04 AM

अहमदाबाद में हो सकते हैं 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, भारत ने मेजबानी का दावा पेश किया

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अहमदाबाद में हो सकते हैं 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, भारत ने मेजबानी का दावा किया पेश

भारत एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी में है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए बिडिंग प्रपोजल की मंजूरी दे दी। इससे पहले 14 अगस्त को भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई थी। अब भारत को 31 अगस्त तक अंतिम बिडिंग प्रपोजल जमा करना होगा। इसके बाद नवंबर के अंत में यह तय होगा कि 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिलेगी या नहीं।

कनाडा के हटने से भारत की संभावनाएं बढ़ीं

कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की दौड़ में अब भारत के सामने प्रतिस्पर्धा काफी कम रह गई है। दरअसल, कनाडा इस रेस से बाहर हो चुका है, जिससे भारत के लिए 2030 में मेजबानी पाने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं। पिछले महीने कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स संस्था के डायरेक्टर डैरेन हॉल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद पहुंचा था। इस टीम ने संभावित आयोजन स्थलों का दौरा किया और गुजरात सरकार के अधिकारियों से बैठक की।

कॉमनवेल्थ गेम्स की बिडिंग प्रक्रिया

कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी तय करने की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है।

  1. सबसे पहले इच्छुक देश कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के पास आवेदन करते हैं।
  2. इसके बाद उस देश की नेशनल ओलिंपिक कमेटी (NOC) प्रस्ताव को मंजूरी देती है।
  3. देश की सरकार से भी आधिकारिक स्वीकृति ली जाती है।
  4. कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के अधिकारी प्रस्तावित शहर और खेल स्थलों का निरीक्षण करते हैं।
  5. अंत में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स की जनरल असेंबली वोटिंग कर मेजबान शहर की घोषणा करती है।

भारत इन सभी चरणों को लगभग पूरा कर चुका है और अब केवल फाइनल प्रस्ताव जमा होना बाकी है।

भारत का बड़ा लक्ष्य – 2036 ओलिंपिक

भारत की खेल महत्वाकांक्षा केवल कॉमनवेल्थ गेम्स तक सीमित नहीं है। पिछले साल नवंबर में भारत ने 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भी दावेदारी पेश की थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे भारत की बड़ी पहल माना जा रहा है। फिलहाल 2028 ओलिंपिक अमेरिका के लॉस एंजिलिस और 2032 ओलिंपिक ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में होने हैं। 2036 की मेजबानी के लिए भारत एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है।

भारत का मेजबानी का अनुभव

भारत को पहले भी बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी का अनुभव है।

  • 1951 और 1982 में भारत ने एशियन गेम्स की मेजबानी की थी।
  • 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स सफलतापूर्वक आयोजित किए गए थे।

हालांकि 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को लेकर विवाद भी हुए थे, लेकिन अब सरकार और खेल संगठन यह भरोसा दिला रहे हैं कि अहमदाबाद में आधुनिक बुनियादी ढांचे और सख्त निगरानी व्यवस्था के तहत यह आयोजन नए स्तर पर होगा।

अहमदाबाद क्यों?

अहमदाबाद को मेजबानी का प्रमुख दावेदार बनाने के पीछे कई कारण हैं—

  • शहर में पहले से ही सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव और नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे आधुनिक खेल परिसर मौजूद हैं।
  • गुजरात सरकार खेल अवसंरचना के विस्तार पर तेजी से काम कर रही है।
  • अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और बेहतर परिवहन सुविधाएं भी अहमदाबाद को उपयुक्त बनाती हैं।

खेलों से भारत की छवि को मजबूती

यदि भारत को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलती है तो यह देश के लिए न केवल खेल उपलब्धि होगी, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि और साख को भी मजबूत करेगी। इससे पर्यटन, अर्थव्यवस्था और खेल संस्कृति को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।



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