August 30, 2025 6:33 AM

शेयर बाज़ार में 600 अंकों की गिरावट, निवेशकों में हड़कंप

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शेयर बाजार 600 अंक गिरा: अमेरिकी टैरिफ का भारतीय निवेशकों पर असर

मुंबई। शेयर बाजार में सोमवार 26 अगस्त को भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 600 अंक टूटकर 81,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज हुई और यह 24,750 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट से निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि केवल 5 शेयरों में तेजी देखी गई। सनफार्मा और टाटा स्टील समेत कुल 12 दिग्गज शेयरों में 1 से 2.5 फीसदी तक की गिरावट रही। इसी तरह निफ्टी के 50 शेयरों में से 42 शेयरों में गिरावट और केवल 8 शेयरों में तेजी दर्ज की गई।

सभी इंडेक्स पर दबाव

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सभी प्रमुख इंडेक्स में गिरावट देखने को मिली। इस भारी बिकवाली का सीधा असर छोटे और मझोले निवेशकों पर पड़ा है। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक स्तर पर तनावपूर्ण आर्थिक माहौल इसका मुख्य कारण रहा।

अमेरिकी टैरिफ से बाजार पर असर

बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आधिकारिक नोटिफिकेशन माना जा रहा है। यह टैरिफ भारतीय समय के अनुसार 27 अगस्त सुबह 9:31 बजे से लागू होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 6 अगस्त को रूस से भारत की तेल खरीद पर आपत्ति जताते हुए इस पेनल्टी टैरिफ का ऐलान किया था।

पहले से ही भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लागू था। अब कुल मिलाकर भारतीय निर्यात पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया जाएगा। इसका सीधा असर भारतीय उद्योगों और निर्यातकों पर पड़ेगा, जिसका झटका शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है।

निवेशकों में अनिश्चितता

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल शुरुआती असर है। यदि अमेरिका-भारत के बीच टकराव लंबे समय तक चलता है तो भारतीय कंपनियों की आय और निर्यात पर गहरा असर पड़ेगा। निवेशक अभी सतर्क नजर आ रहे हैं और बिकवाली को प्राथमिकता दे रहे हैं।

आगे क्या?

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव को देखते हुए निवेशकों की नजर अब सरकार की रणनीति और दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि आने वाले समय में राहतकारी कदम उठाए जाएंगे, लेकिन फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की आशंका है।


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