भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तानी वीजा, विदेशी नागरिक गिरफ्तार – असम पुलिस का बड़ा खुलासा
होजाई। असम के होजाई जिले के डबका मोराझार इलाके से पुलिस ने एक विदेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से भारतीय पासपोर्ट बरामद हुआ है। इस पासपोर्ट पर पाकिस्तान का वीजा भी लगा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, क्योंकि आरोपी ने फर्जी पहचान बनाकर भारतीय नागरिक का रूप धारण कर रखा था।
मृत व्यक्ति के नाम पर बनाया पहचान पत्र
गिरफ्तार व्यक्ति खुद को अब्दुल कलाम बता रहा था, लेकिन जांच में पता चला कि उसका असली नाम अब्दुल करीम है और वह विदेशी नागरिक है। हैरानी की बात यह रही कि उसने एक मृत व्यक्ति का नाम और उसकी पहचान का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज हासिल कर लिए थे।
स्थानीय स्तर पर यह मामला तब सामने आया जब बीते बुधवार को आरोपी मोराझार ग्राम पंचायत के दफ्तर स्थायी निवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) बनवाने के लिए पहुंचा। बातचीत के दौरान उसके जवाब संदिग्ध लगे। पंचायत सचिव मुजामिल हक को शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की कार्रवाई और दूसरा आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने मोराझार के हाथीखाली गांव निवासी अब्दुर रौब को अपना पिता बताया था। लेकिन सच्चाई यह निकली कि अब्दुर रौब का बेटा अब्दुल कलाम वर्ष 2010 में मेघालय में निधन हो चुका है।
आरोपी ने इसी मृत व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके सभी दस्तावेज अपने नाम पर बनवा लिए थे। इस काम में उसकी मदद गांव के ही एक अन्य व्यक्ति फखर उद्दीन ने की थी, जिसे पुलिस ने सहयोगी के रूप में गिरफ्तार कर लिया है।
शव लाने के बहाने बना संबंध, फिर किया फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2010 में अब्दुर रौब के पुत्र अब्दुल कलाम का शव लेकर मोराझार के हाथीखाली गांव आया था। उसी दौरान उसका अब्दुर रौब के परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध हो गया। परिवार के कुछ सदस्यों की मिलीभगत से उसने मृतक अब्दुल कलाम के नाम पर दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने पासपोर्ट, आधार, पैन सहित कई प्रमाणपत्र जुटा लिए और खुद को भारतीय नागरिक बताकर छिपा लिया।

पाक वीजा से गहराया शक
सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने उसके पास से भारतीय पासपोर्ट के साथ पाकिस्तानी वीजा पाया। इससे संदेह और गहरा गया है कि आरोपी की गतिविधियां महज पहचान छिपाने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि संभवतः इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी हो सकती है।
पुलिस की जांच जारी
होजाई पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी भारत में कब से रह रहा था, उसका मूल देश कौन सा है और पाकिस्तान से उसका क्या संबंध है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि भारतीय पहचान दस्तावेज तैयार कराने में और कौन-कौन उसकी मदद कर रहा था।
यह मामला न केवल फर्जी पहचान और दस्तावेज घोटाले की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल भी खड़े करता है।
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