मोदी पहले प्रस्तावक, शाह-राजनाथ भी मौजूद रहे; 9 सितंबर को चुनाव उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने नामांकन भरा, मोदी बने पहले प्रस्तावक
नई दिल्ली। देश में आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने अपने उम्मीदवार के तौर पर वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान में तमिलनाडु के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। बुधवार को उन्होंने संसद भवन परिसर में उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक बने, जबकि उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन से पहले राधाकृष्णन ने संसद भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी आस्था प्रकट की।

भाजपा संसदीय दल की बैठक में बनी सहमति
गौरतलब है कि भाजपा संसदीय दल की बैठक 17 अगस्त को आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक तौर पर उनका नाम घोषित किया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राधाकृष्णन को दक्षिण भारत से जोड़कर देखा जाता है और पार्टी चाहती है कि दक्षिण भारत की राजनीति में उनका अनुभव गठबंधन के लिए लाभकारी सिद्ध हो।उपराष्ट्रपति चुनाव- एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन ने नॉमिनेशन भरा
#WATCH | NDA candidate for Vice President post, C.P. Radhakrishnan files his nomination in the presence of PM Narendra Modi. pic.twitter.com/nYEWPdNqpx
— ANI (@ANI) August 20, 2025
विपक्ष ने उतारा अपना उम्मीदवार
वहीं, विपक्षी गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। खास बात यह है कि इस बार उपराष्ट्रपति पद के लिए दोनों दावेदार दक्षिण भारत से आते हैं। राधाकृष्णन तमिलनाडु से हैं तो रेड्डी आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। रेड्डी 21 अगस्त को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
नामांकन प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद 9 सितंबर को संसद भवन परिसर में मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी पूरी कर दी जाएगी। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निष्पक्षता से संपन्न होगी।

अचानक इस्तीफे से खाली हुआ पद
दरअसल, उपराष्ट्रपति का पद तब खाली हुआ जब वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात अचानक इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। हालांकि, धनखड़ ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था, लेकिन उनके अचानक निर्णय ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। अब उनके इस्तीफे से खाली हुए पद पर नया चुनाव कराया जा रहा है।
राधाकृष्णन की राजनीतिक यात्रा
सीपी राधाकृष्णन लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं और पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वे तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन को मजबूत करने में उनका अहम योगदान रहा है। वर्तमान में वे तमिलनाडु के राज्यपाल हैं। उनकी साफ-सुथरी छवि और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस पद के लिए चुना है। भाजपा का मानना है कि उनके चयन से दक्षिण भारत में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।
उपराष्ट्रपति का महत्व
भारत का उपराष्ट्रपति न केवल राज्यसभा का सभापति होता है, बल्कि देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन रहता है। इस लिहाज से यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। एनडीए और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रहे हैं। एनडीए का बहुमत होने के कारण राधाकृष्णन की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष भी इस चुनाव को प्रतीकात्मक लड़ाई के तौर पर देख रहा है।
कुल मिलाकर उपराष्ट्रपति चुनाव ने एक बार फिर केंद्र की राजनीति में दक्षिण भारत को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब निगाहें 9 सितंबर पर टिकी हैं, जब मतदान और नतीजे दोनों एक ही दिन सामने आएंगे और यह तय होगा कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा।
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