श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में की श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर पूजा-अर्चना
मथुरा, उत्तर प्रदेश। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर मंगलवार को पूरे देशभर में भक्तिमय माहौल रहा। मथुरा, जिसे श्रीकृष्ण की जन्मभूमि कहा जाता है, वहां की भव्यता और श्रद्धा का वातावरण देखने लायक था। इस पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री योगी ने किए ठाकुर जी के दर्शन
सुबह से ही हजारों श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में उमड़ पड़े थे। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर में मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर के महंतों और पुजारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप के दर्शन किए और गर्भगृह में विधिवत पूजा की। उन्होंने भगवान से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की।
#WATCH मथुरा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। pic.twitter.com/eWl8dp3lve
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 16, 2025
मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी पर आयोजित विशेष आरती और भजन संध्या में भी भाग लिया। इस दौरान मंदिर परिसर “जय कन्हैया लाल की” और “नंद के आनंद भयो” के जयकारों से गूंज उठा। चारों ओर भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु झूमते और नृत्य करते नजर आए।
योगी का संदेश : गीता का दर्शन आज भी प्रासंगिक
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि यह समाज को धर्म, न्याय और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो जीवन-दर्शन दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
योगी ने कहा—
“गीता का संदेश हमें जीवन में कर्तव्य पालन, आत्मसंयम और धर्म रक्षा की प्रेरणा देता है। आज जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब कृष्ण की वाणी और उनके जीवन से प्रेरणा लेना ही सच्ची आराधना है।”

सुरक्षा व्यवस्था रही अभेद्य
मुख्यमंत्री की यात्रा और जन्माष्टमी जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी थी। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती रही। ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई और जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यवस्था की लगातार निगरानी की।
मथुरा-वृंदावन विकास पर भी बोले सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आधारभूत संरचनाओं के विकास, यातायात प्रबंधन और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, भक्तिमय वातावरण
मंदिर परिसर और पूरे मथुरा शहर में जन्माष्टमी की रौनक देखते ही बन रही थी। जगह-जगह झांकियां निकाली गईं, मंदिरों को फूलों और झालरों से सजाया गया था। बच्चों ने कृष्ण-राधा और गोपियों की वेशभूषा धारण कर आकर्षण बढ़ा दिया। श्रद्धालु दूर-दराज से यहां दर्शन के लिए आए थे।
एक श्रद्धालु ने कहा— “हम हर साल कृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा आते हैं। इस बार मुख्यमंत्री को यहां देखकर हमें खुशी हुई। यह देखकर अच्छा लगा कि सरकार भी हमारी आस्था से जुड़कर इस उत्सव को और भव्य बना रही है।”
ऐतिहासिक महत्व की झलक
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा का वह पवित्र स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था। माना जाता है कि यह वही जगह है जहां कंस ने श्रीकृष्ण की माता देवकी और पिता वासुदेव को कैद कर रखा था। तभी आधी रात को भगवान का अवतरण हुआ। इसी कारण जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि का समय विशेष महत्व रखता है और इसी घड़ी हजारों भक्त मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच ठाकुर जी के दर्शन करते हैं।
#WATCH | UP | Devotees of Lord Krishna gather at Mathura's Shri Krishna Janmabhoomi Temple to celebrate Krishna Janmashtami pic.twitter.com/DmJKmkafz5
— ANI (@ANI) August 16, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा ने जन्माष्टमी उत्सव की गरिमा को और बढ़ा दिया। उनका संदेश और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को आज के समय से जोड़ना श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायी रहा। मथुरा में जन्माष्टमी का यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि यह शहर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।
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