राहुल गांधी का आरोप: वोट चोरी पर चुनाव आयोग को घेरा, वीडियो शेयर कर बोले – जनता जाग गई है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘लापता वोट’ शीर्षक से एक वीडियो साझा किया। हालांकि वीडियो में चुनाव आयोग का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन संकेत स्पष्ट थे कि कांग्रेस नेता वोट चोरी के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग को घेर रहे हैं।
राहुल का ट्वीट और कांग्रेस का संदेश
वीडियो शेयर करते हुए राहुल ने लिखा – “चोरी चोरी, चुपके चुपके अब और नहीं, जनता जाग गई है।”
कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स पर लिखा – “आपके वोट की चोरी, आपके अधिकारों की चोरी है। आइये हम सब मिलकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों को बचाएं।”
चोरी चोरी, चुपके चुपके…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 16, 2025
अब और नहीं, जनता जाग गई है।#StopVoteChori pic.twitter.com/7mrheHSMh3
वीडियो में क्या है?
एक मिनट लंबे इस व्यंग्यात्मक वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस थाने पहुंचता है। वह खर्राटे ले रहे पुलिसकर्मी को जगाकर कहता है कि उसे चोरी की रिपोर्ट लिखानी है। पुलिसकर्मी पूछता है – “क्या चोरी हो गया?” तब व्यक्ति जवाब देता है – “साहब, वोट चोरी हो गया है। लाखों वोट चुराए जा रहे हैं।”
इसके बाद पुलिसकर्मी खुद सोच में पड़ जाता है कि कहीं उसका वोट भी चोरी तो नहीं हुआ। वीडियो का मकसद यही संदेश देना है कि वोट चोरी एक संगठित समस्या है और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है।
राहुल गांधी के लगातार आरोप
यह पहला मौका नहीं है जब राहुल ने वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था कि –
- कई सीटों पर सिस्टमेटिक लेवल पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की जा रही है।
- यह समस्या सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि नेशनल लेवल पर की जा रही है।
- बिहार की वोटर लिस्ट में 124 साल की एक महिला ‘फर्स्ट टाइम वोटर’ के रूप में दर्ज हुई है, जो गड़बड़ी का बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने स्पष्ट कहा – “पहले हमारे पास सबूत नहीं थे, लेकिन अब हैं। एक व्यक्ति, एक वोट संविधान की नींव है। चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह इसे लागू करे, लेकिन वह असफल रहा है।”

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी सख्त रुख अपनाया है।
- 10 अगस्त को कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल को नोटिस भेजकर सबूत पेश करने को कहा।
- आयोग ने यह भी कहा कि यदि राहुल को अपने दावों पर भरोसा है तो वह हलफनामे पर हस्ताक्षर करें।
- यदि उन्हें अपने आरोप सही नहीं लगते, तो उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, आयोग का कहना है कि राहुल ने जो प्रेजेंटेशन और स्क्रीनशॉट दिखाए, वे चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।
राहुल का पलटवार
बेंगलुरु में आयोजित “वोट अधिकार रैली” में राहुल ने चुनाव आयोग पर पलटवार करते हुए कहा –
- “मैंने संसद में संविधान की शपथ ली है। मुझे बार-बार हलफनामा लेने को कहा जाता है। लेकिन यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि एक व्यक्ति, एक वोट की व्यवस्था सुनिश्चित करे।”
- “आज जब जनता चुनाव आयोग से सवाल पूछने लगी तो उन्होंने अपनी वेबसाइट ही बंद कर दी। यह इस बात का सबूत है कि वे जवाबदेही से भाग रहे हैं।”
पहले भी लगाए थे गंभीर आरोप
7 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट में धांधली के सबूत पेश करने का दावा किया था। उन्होंने कहा था –
- कर्नाटक की एक विधानसभा सीट पर एक लाख से ज्यादा वोट चोरी हुए हैं।
- महाराष्ट्र के चुनाव नतीजों ने यह शक और मजबूत कर दिया है कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर धांधली की।
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट देने से मना कर दिया, ताकि असली आंकड़े छिपे रहें।
विपक्ष का मुद्दा और जनता की चिंता
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने बार-बार चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता खतरे में है। वहीं आम जनता भी वोट चोरी की खबरों को लेकर चिंतित है, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ मामला है।
राहुल गांधी के इस नए वीडियो और आरोपों से एक बार फिर ‘वोट चोरी’ की बहस गर्मा गई है। एक तरफ चुनाव आयोग सबूत मांग रहा है और राहुल गांधी संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का दावा कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि राहुल के पास जो कथित सबूत हैं, वे कितने ठोस साबित होते हैं और आयोग उन पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल इतना तय है कि यह मुद्दा आगामी चुनावी राजनीति का बड़ा सवाल बनने जा रहा है।
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