राजस्थान दौसा में भीषण सड़क हादसा: खाटू श्यामजी से लौटते 11 श्रद्धालुओं की मौत, 20 से अधिक घायल
दौसा (राजस्थान)। राजस्थान के दौसा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार तड़के हुए एक भयावह सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। खाटू श्यामजी के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप वाहन ट्रेलर से टकरा गई, जिससे मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में 7 मासूम बच्चे और 4 महिलाएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
हादसा रात 3:30 बजे के आसपास हुआ
सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना बैसई थाना क्षेत्र के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय हुई जब श्रद्धालुओं से भरी पिकअप उत्तर प्रदेश के एटा जिले की ओर लौट रही थी। रात करीब 3:30 बजे पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे एक ट्रेलर (कंटेनर) के पीछे से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और कई यात्री उसमें फंस गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस की संयुक्त कोशिशों से फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को दौसा जिला अस्पताल तथा जयपुर के एसएमएस ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।

मृतकों और घायलों की पहचान
अब तक जिन 11 मृतकों की पुष्टि हुई है, उनमें से अधिकांश उत्तर प्रदेश के एटा जिले के निवासी थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार है —
- पूर्वी (3 वर्ष) पुत्री संजीव, जाति राजपूत – एटा
- प्रियंका (25 वर्ष) पत्नी संजीव, जाति राजपूत – एटा
- दक्ष (5 वर्ष) पुत्र जयप्रकाश, जाति राजपूत – एटा
- शीला, पत्नी जयप्रकाश
- अंशु (26 वर्ष) पुत्र संतोष
- सीमा (23 वर्ष) पत्नी मनोज – अमरोजी, एटा
इसके अलावा चार और मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है।
गंभीर रूप से घायल यात्रियों में मनोज (25), नैतिक (8), प्रियंका पत्नी लाखन, रीता (26), लक्ष्य (7), नीरज (20), सौरभ (26), और सौरभ पुत्र ज्ञान सिंह शामिल हैं, जिन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, ममता (40), भावना (45), रवि (23) और कल्पना का इलाज दौसा में चल रहा है।

प्रशासन ने संभाली स्थिति
दौसा एसपी ने बताया कि हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। कलेक्टर देवेंद्र कुमार के अनुसार, सभी यात्री खाटू श्यामजी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। हादसे में अब तक 11 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 घायलों को जयपुर रैफर किया गया है और 4 का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
तीन दिन में दूसरा बड़ा हादसा
गौरतलब है कि इसी दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे पर तीन दिन पहले भी एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें टैंकर और कार की भिड़ंत में 5 लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक है और डिवाइडर की कमी तथा लेन व्यवस्था न होने के कारण दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं।
संभावित कारण और चश्मदीदों के बयान
चश्मदीदों के मुताबिक, पिकअप वाहन चालक को संभवतः रात में नींद की झपकी आ गई थी, जिसके चलते उसने आगे चल रहे ट्रेलर को नहीं देखा और सीधा पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप के अंदर बैठे यात्री एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों ने इस हाईवे की खामियों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यहां चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण और ओवरटेकिंग लेन बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक इस मार्ग पर सुरक्षा इंतज़ाम नहीं बढ़ाए जाते, तब तक ऐसे हादसे रुकने की संभावना कम है।
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