उज्जैन से वाराणसी-अयोध्या के लिए तीर्थ दर्शन ट्रेन रवाना, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं
भोपाल। मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत बुधवार को उज्जैन से वाराणसी और अयोध्या के लिए विशेष ट्रेन रवाना हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर तीर्थ यात्रियों को सुखद एवं सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से बाबा विश्वनाथ और वहां से अयोध्या धाम की यात्रा अपने आप में अद्भुत और आनंददायक है। उन्होंने कहा, “सनातनी संस्कृति में तीर्थ यात्राओं का विशेष महत्व है। तीर्थ हमारे पापों का नाश कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को देवस्थानों के दर्शन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।”

तीर्थ यात्रा का महत्व और आध्यात्मिक संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का सबसे जीवंत रूप तीर्थ यात्राओं में झलकता है। पुराने समय में जब देश अलग-अलग रियासतों में बंटा था, तब भी तीर्थ यात्राएं पूरे भारत को एकात्म भाव से जोड़ने का कार्य करती थीं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह रामेश्वरम जाए, गंगा सागर में डुबकी लगाए और भगवान राम के धाम अयोध्या में दर्शन करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 से यह योजना निरंतर जारी है और अब हवाई यात्रा के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को तीर्थ स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के धाम के भव्य स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि “मोदी जी ने श्रीराम के धाम को जगमगा दिया है और हम सबको आशीर्वाद स्वरूप यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है।”
यात्रियों से संवाद और विशेष शुभकामनाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन और आगर मालवा से वर्चुअली जुड़े तीर्थ यात्रियों से संवाद भी किया। उन्होंने कल्पना शर्मा सहित कई यात्रियों से उनकी यात्रा की तैयारी और अनुभव के बारे में पूछा। साथ ही गंगा जल भरकर लाने और यात्रा में घर से ले जाए गए भोजन के बारे में भी चर्चा की।

आगर मालवा के विकास की दिशा में पहल
यात्रियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने आगर मालवा जिले के विकास को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आगर मालवा को फोर लेन सड़क और रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा हो रही है तथा जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक सूचना मिलने की संभावना है।

संस्कृति और विकास का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ते हैं, तो तीर्थ यात्राओं का महत्व और भी बढ़ जाता है। ये यात्राएं न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव को भी मजबूत करती हैं।
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