रक्षाबंधन पर महाकाल, बाबा विश्वनाथ और रामलला को राखी अर्पित, देशभर में उल्लास
नई दिल्ली। पूरे देश में आज रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित इस दिन पर धार्मिक स्थलों पर भी विशेष आयोजन किए गए। सावन मास के अंतिम दिन काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ को मंगला आरती के बाद रेशम की राखी अर्पित की गई। वहीं, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भी भगवान महाकाल को विशेष राखी बांधी गई, जिसे अमर पुजारी परिवार की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किया था।
महाकाल के लिए विशेष राखी
महाकाल को अर्पित की गई इस राखी में मखमल का कपड़ा, रेशमी धागा और मोती का सुंदर संयोजन किया गया था। राखी के बीच में भगवान गणेश की आकृति विराजित थी, जो मंगल और शुभ का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह परंपरा भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़कर भगवान को भी परिवार का हिस्सा मानने की भावनाओं को दर्शाती है।
अयोध्या में रामलला और उनके भाइयों के लिए राखी
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भी खास तैयारी की गई। श्रृंगी धाम से भगवान रामलला और उनके भाइयों भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न के लिए विशेष राखियां लाई गईं और उन्हें विधिवत अर्पित किया गया। यह आयोजन अयोध्या में पहली बार भव्य राम मंदिर बनने के बाद का पहला रक्षाबंधन पर्व होने के कारण और भी विशेष रहा।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की अनेकानेक शुभकामनाएं।” इस अवसर पर गुजरात, उत्तराखंड और गोवा के मुख्यमंत्रियों ने भी कार्यक्रमों में शामिल होकर राखी बंधवाई और त्योहार का उत्साह साझा किया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का दौरा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी और आज आगर मालवा जिले के दौरे पर रहे। दोपहर बाद वे वहां आयोजित रक्षा बंधन कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां बहनें उन्हें राखी बांधेंगी। इसके साथ ही वे दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करेंगे और आगर स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर में दर्शन करेंगे।
त्योहार का महत्व और भावनात्मक जुड़ाव
रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, विश्वास और प्रेम का प्रतीक है। देशभर में इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। धार्मिक स्थलों पर भगवान को राखी अर्पित करने की परंपरा इस रिश्ते को आध्यात्मिक रूप से और भी गहरा बना देती है।
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