चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगा शपथ-पत्र, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर मांगा प्रमाण
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा कर्नाटक की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने उनसे साक्ष्यों सहित शपथ-पत्र मांगा है। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को पत्र भेजकर कहा है कि वे अपने आरोपों को प्रमाण सहित स्पष्ट करें।

चुनाव आयोग का यह पत्र कांग्रेस के उस प्रतिनिधिमंडल के संदर्भ में जारी किया गया है जो आगामी 8 अगस्त को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने वाला है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि राज्य की मतदाता सूचियां जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ तैयार की गई हैं।
चुनाव आयोग ने पत्र में बताया है कि कांग्रेस को मतदाता सूची का प्रारूप नवंबर 2024 में और अंतिम सूची जनवरी 2025 में उपलब्ध कराई गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ने इस मसौदा सूची पर कोई आपत्ति या अपील नहीं दर्ज कराई।
राहुल गांधी ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया था कि कर्नाटक की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अवैध नाम जोड़े गए हैं और कई योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इसी संदर्भ में उनसे कहा है कि वे प्रत्येक कथित गड़बड़ी का विवरण दें, जिसमें संबंधित व्यक्ति का नाम, भाग संख्या और क्रमांक स्पष्ट रूप से उल्लिखित हो।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों में दम है, तो संबंधित जानकारी के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आयोग ने कांग्रेस को भी यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार न हों और सभी आरोपों का विधिसम्मत समर्थन हो।
चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह मामला मतदाता सूची जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा है। अगर राहुल गांधी शपथ-पत्र में आरोपों की पुष्टि कर पाते हैं, तो यह राज्य में चुनावी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
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