August 30, 2025 6:15 AM

साल में एक बार खुलते हैं भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर के पट: नागपंचमी पर होंगे 24 घंटे दर्शन, नेपाल से लाई गई है दुर्लभ प्रतिमा

NAAGCHANDEASHWAR UJJAIN

नागपंचमी पर खुलेगा भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर का पट, सिर्फ एक दिन के लिए होते हैं दर्शन

उज्जैन। श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले नागपंचमी पर्व पर इस वर्ष 29 जुलाई 2025, मंगलवार को उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर विराजित भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर के मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। यह वही एकमात्र अवसर होता है, जब यह भव्य और दुर्लभ प्रतिमा आम श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु सुलभ होती है।

केवल एक दिन के लिए खुलते हैं पट

श्री महाकाल मंदिर परिसर में स्थित श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट साल में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। इस बार मंदिर के पट 28 जुलाई की मध्यरात्रि 12 बजे खोले जाएंगे और अगले दिन 29 जुलाई की रात्रि 12 बजे बंद होंगे।

अद्वितीय है नागचन्द्रेश्वर की मूर्ति

यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि कलात्मक दृष्टि से भी अद्वितीय है। 11वीं शताब्दी की यह प्रतिमा नेपाल से लाई गई मानी जाती है। मूर्ति में भगवान शिव नागचन्द्रेश्वर स्वरूप में सात फनों वाले नाग के साथ प्रतिष्ठित हैं। उनके साथ देवी पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी और सिंह भी विराजमान हैं। ऊपर सूर्य और चंद्रमा की आकृतियां भी अंकित हैं। मूर्ति की विशेषता यह है कि यह शिव-पार्वती परिवार सहित, नागों के साथ अलंकारित स्वरूप को दर्शाती है, जो विश्व में अन्यत्र कहीं नहीं मिलती।

दर्शन के विशेष प्रबंध, त्रिकाल पूजन होगा

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के पट खुलने के साथ ही श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनितगिरी जी महाराज द्वारा प्रथम पूजन और अभिषेक किया जाएगा।

मंगलवार को दोपहर 12 बजे अखाड़ा परिषद द्वारा पूजन किया जाएगा और सायंकाल महाकालेश्वर मंदिर के पुजारीगण नागचन्द्रेश्वर भगवान की विशेष आरती संपन्न करेंगे। पूरे दिन भक्तगण भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

हजारों श्रद्धालु पहुंचेंगे उज्जैन

नागपंचमी पर्व पर उज्जैन में देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर भारत के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख है, और नागचन्द्रेश्वर मंदिर उसी परिसर का अभिन्न हिस्सा है। श्रद्धालु पहले भगवान महाकालेश्वर के दर्शन करते हैं, फिर ओंकारेश्वर मंदिर होते हुए द्वितीय तल पर नागचन्द्रेश्वर के दर्शन हेतु पहुंचते हैं।

प्रशासन की तैयारी

प्रशासन की ओर से सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग और लाइन व्यवस्थाओं को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं ताकि भीड़ नियंत्रित रह सके।



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