August 30, 2025 10:22 PM

जंगी जहाज INS तमाल आज भारतीय नौसेना में होगा शामिल: ब्रह्मोस से लैस, रडार से बच निकलने में सक्षम; पाक सीमा पर रहेगी नजर

  • रूस के कैलिनिनग्राद स्थित यंतर शिपयार्ड में यह युद्धपोत औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा

मॉस्को/नई दिल्ली। भारतीय नौसेना को आज उसका सबसे आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस तमाल’ (INS Tamal) मिलने जा रहा है। रूस के कैलिनिनग्राद स्थित यंतर शिपयार्ड में यह युद्धपोत औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय जे. सिंह करेंगे। ‘तमाल’ रूस से प्राप्त आठवां और तुशील क्लास का दूसरा युद्धपोत है, जिसे 2016 में भारत-रूस रक्षा समझौते के तहत निर्मित किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत चार तलवार-क्लास स्टील्थ फ्रिगेट बनाए जा रहे हैं — दो रूस में और दो भारत के गोवा शिपयार्ड में।

INS तमाल की प्रमुख खूबियां

  • ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस
  • रडार की पकड़ में न आने वाली स्टील्थ तकनीक
  • 55 किमी प्रति घंटा (30 नॉट्स) की रफ्तार
  • समुद्र और हवा में एकसाथ हमला करने की क्षमता
  • 26% स्वदेशी तकनीक का उपयोग
  • पश्चिमी नौसेना बेड़े में शामिल होगा
  • अरब सागर और पाकिस्तानी सीमा की निगरानी करेगा

‘तमाल’ नाम की पौराणिक प्रेरणा

‘तमाल’ नाम पौराणिक कथा में इंद्र की तलवार से लिया गया है। इसका प्रतीक ‘ग्रेट बेयर्स’ है, जो भारत के ‘जाम्बवन्त’ और रूस के भालू की साझी प्रेरणा से जुड़ा है। यह भारतीय-रूसी सहयोग का प्रतीक है और इसका आदर्श वाक्य है — ‘सर्वदा सर्वत्र विजय’।

भारतीय दल को रूस में दी गई ट्रेनिंग

INS तमाल के संचालन के लिए 200 से अधिक भारतीय नौसैनिकों को रूस में विशेष ट्रेनिंग दी गई है। यह दल समुद्री परीक्षणों में भी भाग ले चुका है और मई के अंत तक तमाल को भारत लाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

गोवा शिपयार्ड में भी दो और तलवार-क्लास युद्धपोतों का निर्माण जारी है। उनके लिए जरूरी इंजन रूस से मंगवाए जा चुके हैं। यह भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और मजबूत कदम है।

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