August 31, 2025 4:31 AM

राम के बाद अब सीता मंदिर का निर्माण: बिहार के पुनौराधाम में बनेगा भव्य जानकी मंदिर

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पटना/सीतामढ़ी।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक क्षणों के बाद अब बिहार की धरती पर माता सीता के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इसकी औपचारिक घोषणा की और पुनौराधाम सीतामढ़ी में प्रस्तावित जानकी मंदिर सहित अन्य संरचनाओं की डिज़ाइन सार्वजनिक की।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा—

“मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है।”

इस योजना को शीघ्र पूरा करने के लिए सरकार द्वारा एक विशेष ट्रस्ट का गठन किया गया है। नीतीश कुमार ने कहा कि पुनौराधाम को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना हर बिहारवासी के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।


जानकी जन्मभूमि: आस्था, इतिहास और संस्कृति का संगम

पुनौराधाम, बिहार के सीतामढ़ी जिले का एक गांव है, जिसे माता सीता की जन्मस्थली माना जाता है। यहां स्थित माता जानकी जन्मभूमि मंदिर में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार, मिथिला में एक बार गंभीर अकाल पड़ा। राजा जनक ने पुरोहितों के परामर्श पर हल लेकर खेत जोतना शुरू किया। तभी धरती से एक मिट्टी का पात्र प्रकट हुआ, जिसमें एक दिव्य बालिका थी— जिन्हें बाद में माता सीता के रूप में जाना गया।

मंदिर के पीछे जानकी कुंड नामक सरोवर है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान करने से संतान की प्राप्ति होती है। वहीं, नज़दीक की जगह ‘पंथ पाकार’ भी प्रसिद्ध है, जहां सीता के विवाह से जुड़ा प्रसंग बताया जाता है। यहां आज भी एक प्राचीन पीपल का पेड़ और उसके नीचे बनी पालकी श्रद्धा का केंद्र है।


आधुनिक शैली में बनेगा मंदिर परिसर

मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई डिज़ाइन के अनुसार, मंदिर परिसर शास्त्रीय भारतीय स्थापत्य कला के साथ आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार भी विकसित किया जाएगा।

  • इसमें मुख्य मंदिर, ध्यान केंद्र, धार्मिक संग्राहलय, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, और आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी।
  • मंदिर को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आधार

इस परियोजना से न सिर्फ धार्मिक भावना को बल मिलेगा, बल्कि बिहार में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा मिलेगी। अयोध्या की तर्ज़ पर अब सीतामढ़ी को भी रामायण सर्किट से जोड़ने की योजनाएं हैं। यह मंदिर रामायण की नायिका— जनकनंदिनी सीता— के गौरवशाली चरित्र को विश्वभर में सम्मान दिलाएगा।



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