August 30, 2025 7:54 PM

मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: हर निकाय में बनेगा गीता भवन, बैरसिया के पास इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च क्लस्टर सेंटर

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मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला: हर निकाय में गीता भवन, बैरसिया में रिसर्च क्लस्टर सेंटर

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को राजधानी भोपाल में हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फैसलों की जानकारी दी।


हर निकाय में बनेगा गीता भवन

  • कैबिनेट ने श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत गीता भवन निर्माण परियोजना को मंजूरी दी।
  • पहले चरण में जिला स्तर पर और बाद में सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाएंगे।
  • सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
  • सभी भवनों का निर्माण तीन सालों में पूरा होगा।
  • निर्माण कार्य पीपीपी मोड पर भी किया जा सकेगा।

बैरसिया के पास इलेक्ट्रॉनिक रिसर्च क्लस्टर सेंटर


पीएम मोदी होंगे किसान सम्मेलन में शामिल

  • मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि भोपाल में किसान सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
  • नदी जोड़ो अभियान से प्रदेश की 70% जमीन सिंचित होगी।
  • नर्मदा किनारे किसान साल में 3 से 4 फसलें ले रहे हैं।
  • पीएम मित्रा पार्क और रेल कोच कारखाने जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है।

कटनी में माइनिंग कॉन्क्लेव

  • 23 अगस्त को कटनी में राष्ट्रीय माइनिंग कॉन्क्लेव होगा।
  • इसमें देशभर के माइनिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योगपति शामिल होंगे।

पांच शहरों में वेलनेस सेंटर, आयुर्वेदिक कॉलेज

  • कैबिनेट ने पांच वेलनेस सेंटर और पांच आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने की मंजूरी दी।
  • इन प्रोजेक्ट्स पर 350 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
  • भोपाल, नर्मदापुरम और सागर सहित 5 शहरों में ये केंद्र स्थापित होंगे।
  • भोपाल के जीएमसी में इंडो-गायनोलॉजी रिसर्च सेंटर की भी मंजूरी दी गई।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • आदिवासी छात्रों की छात्रवृत्ति अब 10 की बजाय 12 माह दी जाएगी।
  • मप्र का निर्यात 66,218 करोड़ तक पहुंच गया है, जिससे राज्य राष्ट्रीय स्तर पर 15वें से 11वें स्थान पर आ गया है।
  • चालू वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय को लेकर मप्र देश के टॉप-3 राज्यों में शामिल है।

मोहन कैबिनेट के इस फैसले से धार्मिक, शैक्षणिक और औद्योगिक स्तर पर मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलने जा रही है। जहां गीता भवन सांस्कृतिक धरोहर को संजोएंगे, वहीं बैरसिया का रिसर्च क्लस्टर और कटनी का माइनिंग कॉन्क्लेव प्रदेश को तकनीकी और औद्योगिक मजबूती देंगे।



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