भारत और चीन सीमा वार्ता में सहमत, शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर जोर
बीजिंग। भारत और चीन ने हाल ही में हुई सीमा वार्ता में 10 सूत्रीय सहमति बनाई है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि दोनों देश अब सीमा इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए गंभीर हैं। इस सहमति का ऐलान चीनी सेना ने गुरुवार को किया।
डोभाल और वांग के बीच लंबी चर्चा
19 अगस्त को दिल्ली में हुई 24वीं दौर की सीमा वार्ता में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच लंबी और विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने स्पष्ट और रचनात्मक तरीके से विचारों का आदान-प्रदान किया।
चीनी रक्षा मंत्रालय का बयान
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने बताया कि वार्ता का माहौल सकारात्मक और रचनात्मक रहा। उन्होंने कहा कि इसमें कई महत्वपूर्ण सहमतियां बनी हैं। वार्ता के बाद दोनों देशों ने यह सहमति जताई कि सीमा प्रबंधन और नियंत्रण के लिए मौजूदा तंत्र का उपयोग जारी रहेगा। इसके तहत राजनयिक और सैन्य चैनलों को सक्रिय रखा जाएगा, जिससे मतभेदों को बातचीत के माध्यम से हल किया जा सके और सीमा क्षेत्रों में स्थिरता बनी रहे।

सीमा स्थिरता के लिए संयुक्त प्रयास
झांग ने कहा कि इस बार की बातचीत से यह स्पष्ट हुआ है कि भारत और चीन सीमा विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों देश अब सीमा पर सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त कदम उठाने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष
2025 में भारत और चीन के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि यह अवसर दोनों देशों के रिश्तों को सकारात्मक दिशा में ले जाने का है। उन्होंने जोर दिया कि भारत और चीन जैसे दो बड़े पड़ोसी देशों के लिए परस्पर सम्मान, आपसी भरोसा, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और साझा विकास के आधार पर आगे बढ़ना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का नजरिया
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सकारात्मक सहमति यह दर्शाती है कि दोनों देश सीमा पर तनाव कम करने और विश्वास बहाली की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हालांकि, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर परिस्थितियों को स्थिर बनाए रखने के लिए नियमित वार्ता और तंत्र का सक्रिय होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

आगे की उम्मीदें
- मौजूदा सीमा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करना।
- राजनयिक और सैन्य चैनलों को निरंतर सक्रिय रखना।
- सीमा क्षेत्रों में घुसपैठ और संघर्ष की घटनाओं को न्यूनतम करना।
- भारत-चीन संबंधों में विश्वास और सहयोग बढ़ाना, खासकर व्यापार और विकास के क्षेत्र में।
भारत और चीन के बीच 24वीं दौर की सीमा वार्ता में बनी 10 सूत्रीय सहमति यह संकेत देती है कि दोनों देश सीमा पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं। राजनयिक और सैन्य चैनलों के सक्रिय रहने से भविष्य में संघर्ष की घटनाओं को नियंत्रित करने और स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद बढ़ गई है।
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