- ALPA-India और ICPA ने AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। अहमदाबाद में हाल ही में हुए विमान हादसे को लेकर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के निष्कर्षों पर पायलट संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। रिपोर्ट में फ्यूल कटऑफ की आशंका जताई गई है, जिसे पायलट की ओर से जानबूझकर किया गया कृत्य मानने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पर पायलट यूनियन ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
‘पायलट पर आत्महत्या का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद’
इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (ICPA) ने कहा कि पायलट की आत्महत्या का आरोप न सिर्फ निराधार है, बल्कि मीडिया में इस तरह की चर्चाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
ICPA ने बयान जारी कर कहा
“अधूरी जानकारी और प्रारंभिक जांच के आधार पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। यह न केवल पायलट की पेशेवर साख को ठेस पहुंचाता है, बल्कि परिवारजनों की संवेदनाओं के प्रति भी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।”
ALPA-India ने जांच टीम में शामिल होने की मांग की
एयरलाइन पायलट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPA-India) ने प्लेन क्रैश की जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि जांच टीम में उनके प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। ALPA-India के अध्यक्ष सैम थॉमस ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा: “AAIB ने अपनी रिपोर्ट वेबसाइट पर डाल दी, लेकिन उसमें किसी के हस्ताक्षर नहीं थे। हम पारदर्शिता चाहते हैं। जब तक पायलट की गलती का कोई ठोस सबूत नहीं मिलता, तब तक इस तरह की अटकलें लगाना पूरी तरह अनुचित है।” ALPA-India, 800 से अधिक एयरलाइंस और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर्स का प्रतिनिधित्व करती है और यह इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन (IFALPA) से संबद्ध है। IFALPA में दुनिया भर के 100 देशों के करीब 1 लाख पायलट सदस्य हैं।
AAIB की रिपोर्ट पर उठे पारदर्शिता के सवाल
ALPA-India और ICPA दोनों ने AAIB द्वारा सार्वजनिक की गई प्रारंभिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। संगठनों ने कहा कि रिपोर्ट में निष्कर्ष जल्दबाज़ी में निकाले गए हैं और बिना हस्ताक्षर वाली रिपोर्ट को सार्वजनिक करना पारदर्शिता के मानकों पर खरा नहीं उतरता।
क्या है मामला?
हाल ही में अहमदाबाद में एक निजी चार्टर प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान के पायलट और को-पायलट की मौत हो गई थी। प्रारंभिक रिपोर्ट में फ्यूल सप्लाई में जानबूझकर कटऑफ का जिक्र किया गया, जिसे अब संभावित आत्महत्या से जोड़ा जा रहा है, जिस पर पायलट संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।